भारत विकास परिषद नोएडा के तत्वावधान में आयोजित सेक्टर 19, शनि मैदान नोएडा में विशाल श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व कल 16 दिसंबर को नगर की माताओं बहनों और परिषद के गणमान्य पदाधिकारियों, सदस्यों एवं नगर वासियों द्वारा एक विशाल कलश शोभा यात्रा निकाली गयी।
वृंदावन से पधारे विश्व विख्यात कथा व्यास भागवत रत्न आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने कथा में कहा कि नोएडा आज से वृंदावन धाम बन गया है। यहां सात दिन भक्ति रस की अविरल धारा बहेगी। श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘भागवत जी’’ भगवान श्रीकृष्ण जी का ही वांग्मय अर्थात शब्द रूप हैं। भागवत जी हमें भक्ति, ज्ञान और त्याग की शिक्षा देते हैं।
भागवत शब्द में ‘‘भ’’ शब्द भवसागर रूपी जीवन में हमें प्रकाश देता है। ‘‘ग’’ शब्द जीवन में हमें गति प्रदान करता है । ‘‘व’’ शब्द यह बताता है कि श्रीमद्भागवत सभी पुराणों में वरिष्ठतम है एवं ‘‘त’’ शब्द यह बताता है कि जो भागवत की शरण में आता है वह संसार से तर जाता है।
श्रीमद्भागवत और श्रीमद् गीता के अंतर की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि दोनों में बहुत अंतर है। श्रीमद्भागवत स्वयं साक्षात् श्रीकृष्ण भगवान हैं तथा श्रीमद् गीता भगवान श्री कृष्ण के श्रीमुख से निकली हुई उनकी वाणी है। श्रीमद् गीता योग शास्त्र, रामायण प्रयोग शास्त्र है तथा श्रीमद् भागवत वियोग शास्त्र है। जिसने संसार में जन्म लिया, उसकी मृत्यु निश्चित है। परंतु श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से प्राणी इस संसार रूपी भवसागर से तर जाता है और संसार में आवागमन अर्थात जन्म मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाता है। भागवत ऐसा ग्रंथ है जिसमें रस ही रस, इसमें कहीं भी गुठली का तो नामोनिशान ही नहीं है।
महाराज श्री ने कहा कि श्री बिहारी जी महाराज को केवल दो चीजें अच्छी लगती हैं, एक तो उनको चंदन और दूसरा वंदन। जो भी भगवान को को चंदन और वंदन प्रदान करते हैं उनके जीवन के समस्त बंधन कट जाते हैं। महाराज श्री के श्रीमुख से कथा रस और मधुर भजनों को सुनकर श्रोतागण झूम उठे और मंत्रमुग्ध होकर नृत्य करने लगे।
कथा में अध्यक्ष देवेंद्र गंगल, मुख्य यजमान सुशीला गोयल, वेद प्रकाश गोयल, विनय गोयल, पंकज जिंदल, संजय बाली, अल्पेश गर्ग, के.के बंसल, राम रतन शर्मा, सौरभ अग्रवाल, प्रताप मेहता, राकेश कटयाल, विपिन मल्लाना, प्रदीप अग्रवाल, अतुल वर्मा, संजय गोयल, संदीप अग्रवाल, अनुज गुप्ता, राघव अग्रवाल, रोहतास गोयल, भूपेंद्र मित्तल राजीव अजवानी, मुकेश गुप्ता, केशव गंगल, कुलदीप कटिहार, मनीष अग्रवाल, एन.के गुप्ता, अभय अग्रवाल, महेश बाबू गुप्ता, अक्षय पारीक, कुलदीप गुप्ता, निखिल गुप्ता, सतनारायण गोयल, अनुज मंगल, चंद्रेश शर्मा, सुमित अग्रवाल, आशीष जिंदल, राजेश बंसल, राजीव गर्ग, के.के बंसल एवं काफी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।
%20(1)-Photoroom.png)

.jpeg)